दोस्ती से बड़ी इबादत

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,

दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,

जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,

उसे ज़िन्दगी से कोई और शिकायत क्या होगी।

ज़िन्दगी हर पल कुछ खास नहीं होती

ज़िन्दगी हर पल कुछ खास नहीं होती,

फूलों की खुशबू हमेशा पास नहीं होती,

मिलना हमारी तक़दीर में था वरना,

इतनी प्यारी दोस्ती इत्तेफाक नहीं होती।