मेरी छत पर तिरंगा रहने दो

मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है,

की मेरा चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है,

में अमन पसंद हूँ,

मेरे शहर में दंगा रहने दो,

लाल और हरे में मत बांटो,

मेरी छत पर तिरंगा रहने दो.

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की बधाई

Related Shayari

अधर्म पर धर्म की जीत

अधर्म पर धर्म की जीत, अन्याए पर न्याय की विजय.. दशहरे की शुभकामनायें।
Read more...

तुम में से कोई राम है क्या?

मैंने महसूस किया है उस जलते हुए रावण का दुःख जो सामने खड़ी भीड़ से बारबार पूछ रहा था.. तुम में से कोई राम है क्या?
Read more...

जगत की पालनहार है मां

जगत की पालनहार है मां, जीवन की मुक्तिधाम हैं मां, हमारी तुम्हारी भक्ति का आधार है मां, सबकी रक्षा की अवतार है मां, नवरात्र की आपको सपरिवार शुभकामनाएं
Read more...

You may also like

Hum samandar hai

Hum samandar hai hamen khamoosh rahne do
zara machal gaye to shahar le doobengey

हम समंदर है हमें खामोश रहने दो
ज़रा मचल गए तो शहर ले डूबेंगे

Read more...

Har Ek Haseen Chehre Mein Gumaan Uska Tha

Har Ek Haseen Chehre Mein Gumaan Uska Tha,
Basaa Na Koi Dil Mein Ye Makaan Uska Tha,
Tamaam Dard Mit Gaye Mere Dil Se Lekin,
Jo Na Mit Saka Woh Ek Naam Uska Tha.

Read more...

दोस्ती से बड़ी इबादत

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी, दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी, जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा, उसे ज़िन्दगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
Read more...

प्यार के रिश्ते की हो गयी है

Read more...

तुमसे प्यार करता हूँ कोई भी

ये मत पुछ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ? बस इतना जान लो कि, बस तुमसे करता हूँ और बेपनाह करता हूँ।
Read more...

Karte Ho Itni Nafarat…

Chala Jaunga Main Dhundh Ke Badal Ki Tarah,
Dekhte Rah Jaoge Mujhe Pagal Ki Tarah,
Jab Karte Ho Mujhe Itni Nafrat Toh Kyun?
Sajaate Ho Aankhon Mein Mujhe Kajal Ki Tarah.

Read more...