कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है

होले होले कोई याद आया करता है,

कोई मेरी हर साँसों को महकाया करता है,

उस अजनबी का हर पल शुक्रिया अदा करते हैं,

जो इस नाचीज़ को मोहब्बत सिखाया करता है।

उन्हें कभी हम ना मिले

सबने मांगा उन्हें हम ना मिले!

हमने मांगा उन्हें गम ना मिले!

अगर खुशी मिलती है उन्हें हमसे जुदा होकर
तो दुवा करे!

उन्हें कभी हम ना मिले!

अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है…

अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है,
टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है,
एक फूल किताबोँ मेँ दम तोड़ चुका है,
मगर याद नहीँ आता ये किसकी निशानी है..