मार के अपनो को किस…

मार के अपनो को किस जन्नत का इंतज़ार किए बैठा है,
खून से सना मासूमो का जिहादी चोला तू शान से पहने बैठा है,
और क़ुर्बान होने पर फरिश्ते और हूरे मिलेगी वहां ऊपर,
ये एक गलत फहमी है जो तू गलती से पाल कर मुस्कान लिए बैठा है।