धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों

किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,

किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,

धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों,

पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं.

शहीदों और जवानों की बदौलत मेरा हिन्दुस्तान जिन्दा है

अगर माटी के पुतले देह में ईमान जिन्दा हैं,

तभी इस देश की समृद्धि का अरमान जिन्दा हैं,

ना भाषण से है उम्मीदें ना वादों पर भरोसा हैं,

शहीदों और जवानों की बदौलत मेरा हिन्दुस्तान जिन्दा है.

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो

खूब बहती हैं अमन की गंगा बहने दो,

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,

लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,

मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो.

सरकार से पूछा कि ये क्या हो रहा हैं

तिरंगे ने मायूस होकर सरकार से पूछा कि ये क्या हो रहा हैं,

मेरा लहराने में कम और कफन में ज्यादा इस्तेमाल हो रहा हैं.

ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं

भारत का वीर जवान हूँ मैं,

ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,

जख्मो से भरा सीना हैं मगर,

दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,

भारत का वीर जवान हूँ मैं.

सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,

उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार हैं,

आप और हम इसलिए खुशहाल हैं,

क्योकि सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं.

दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं

गूँजे कहीं पर शंख,

कही पे अजाँ हैं,

बाइबिल है, ग्रन्थ साहब है,

गीता का ज्ञान हैं,

दुनिया में खी और यह मंजर नसीब नही,

दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं.

मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है

मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है,

है दोनों इंसान,

ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ़ ले कुरान,

अपने तो दिल में है दोस्त,

बस एक ही अरमान,

एक थाली में खाना खाए सारा हिन्दुस्तान.