रिश्तों में विश्वास और मोबाईल में नेटवर्क ना हो

अपनी कमजोरियां उन्ही लोगों को बताइये,

जो हर हाल में आपके साथ मजबूती से खड़े होना जानते है,

क्यूँकि रिश्तों में विश्वास और मोबाईल में नेटवर्क ना हो,

तो लोग Game खेलना शुरू कर देते हैं !

निकटता प्रेम का प्रतीक थी

किसी ने बिल्कुल सही कहा है….
समय और हालात कभी भी,
कहीं भी बदल सकते है…
अब देखिये कल तक………
निकटता प्रेम का प्रतीक थी..और आज दूरियाँ प्यार और परवाह की परिचायक है..

रिश्तों को हमेशा संजोकर

कोई भी नही जानता कि हम इस जीवन के सफ़र में एक दूसरे से क्यों मिलते है,

सब के साथ रक्त संबंध नहीं हो सकते परन्तु ईश्वर हमें कुछ लोगों के साथ मिलाकर अद्भुत रिश्तों में बांध देता हैं,

हमें उन रिश्तों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

रिश्तों की एहमियत को समझें

पैसा कमाल की चीज है  जिसके पास नहीं..

उसकी इज्जत नहीं  और जिसके पास है उसे..

किसी की इज्जत नहीं!

रिश्तों की एहमियत को समझें

इन्हें  जताया नहीं, निभाया  जाता है..!

अपने शब्द प्रयोग पे ध्यान दीजिये

अपने शब्द प्रयोग पे ध्यान दीजिये
क्यूंकि लडी और तलवार से सिर्फ हड्डिया टूटती है
परंतु शब्दों के प्रहार से अक्सर रिश्ते टूटते है.

अपने हिसाबसे जिओ लोगो की सोच का क्या

अपने हिसाबसे जिओ लोगो की सोच का क्या-
वो कंडीसन के हिसाब से बदलती रहती है-
आगे चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेक देते है –
और अगर देसी घी में गिरे तो मक्की को फेक देते है

कुछ रिश्ते सिर्फ महसूस हुआ करते है

कुछ इतने खामोश हुआ करते है,
वो शरेआम नही हुआ करते है,
कुछ रिश्ते सिर्फ महसूस हुआ करते है,
उनके कोई नाम नही हुआ करते है।