जिन्दगी फिर भी कम पडती है रिश्ते निभाने में

अच्छे और सच्चे रिश्ते न तो खरीदे जा सकते हैं, न उधार लिए जा सकते हैं…
इसलिए….. उन लोगों को जरुर महत्व दें, जो आपको महत्व देते हैं…

मेहनत लगती है
सपनो को सच बनाने में,
हौसला लगता है
बुलन्दियों को पाने में,
बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में,
और जिन्दगी फिर भी कम पडती है
रिश्ते निभाने में।।
🌹🙏🏼 शुभ प्रभात 🙏🏼🌹

झाँक रहे है इधर उधर सब। अपने अंदर झांकें कौन ?

झाँक रहे है इधर उधर सब। अपने अंदर झांकें कौन ?

ढ़ूंढ़ रहे दुनियाँ में कमियां । अपने मन में ताके कौन ?

दुनियाँ सुधरे सब चिल्लाते । खुद को आज सुधारे कौन ?

पर उपदेश कुशल ब brहुतेरे । खुद पर आज विचारे कौन ?

हम सुधरें तो जग सुधरेगा | यह सीधी बात स्वीकारे कौन ?

🌹🙏🏼 शुभ प्रभात 🙏🏼🌹

माफ़ी आज भी अंतिम हल है

🌹छल में बेशक बहुत बल है ,
लेकिन
माफ़ी आज भी अंतिम हल है……

🌹यक़ीन करना सीखो..

शक तो सारी दुनिया

करती है…!

🌹 इज्जत और तारीफ,
मांगी नही जाती है,
कमाई जाती है

🌹🙏🏼 शुभ प्रभात 🙏🏼🌹

धोखा क्यों खा जाते हे

ईमानदार लोग
अकलमंद होने के बावजूद भी
धोखा क्यों खा जाते हे !

क्यूँकि

वो अपनी तरह दूसरों के भी
ईमानदार होने का विश्वास कर बेठते हे!!

जो अपने थे वो कभी खुश नहीं हुए

अनुभव कहता है
खामोशियाँ ही बेहतर हैं,
शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं…

जिंदगी गुजर गयी….
सबको खुश करने में ..

जो खुश हुए वो अपने नहीं थे,
जो अपने थे वो कभी खुश नहीं हुए…

कितना भी समेट लो..
हाथों से फिसलता ज़रूर है..

ये वक्त है साहब..
बदलता ज़रूर है..

रिश्तों में विश्वास और मोबाईल में नेटवर्क ना हो

अपनी कमजोरियां उन्ही लोगों को बताइये,

जो हर हाल में आपके साथ मजबूती से खड़े होना जानते है,

क्यूँकि रिश्तों में विश्वास और मोबाईल में नेटवर्क ना हो,

तो लोग Game खेलना शुरू कर देते हैं !

निकटता प्रेम का प्रतीक थी

किसी ने बिल्कुल सही कहा है….
समय और हालात कभी भी,
कहीं भी बदल सकते है…
अब देखिये कल तक………
निकटता प्रेम का प्रतीक थी..और आज दूरियाँ प्यार और परवाह की परिचायक है..

रिश्तों को हमेशा संजोकर

कोई भी नही जानता कि हम इस जीवन के सफ़र में एक दूसरे से क्यों मिलते है,

सब के साथ रक्त संबंध नहीं हो सकते परन्तु ईश्वर हमें कुछ लोगों के साथ मिलाकर अद्भुत रिश्तों में बांध देता हैं,

हमें उन रिश्तों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

रिश्तों की एहमियत को समझें

पैसा कमाल की चीज है  जिसके पास नहीं..

उसकी इज्जत नहीं  और जिसके पास है उसे..

किसी की इज्जत नहीं!

रिश्तों की एहमियत को समझें

इन्हें  जताया नहीं, निभाया  जाता है..!